सिंचाई विभाग में AI क्रांति: रीयल-टाइम निगरानी और बाढ़ की सटीक चेतावनी
AI Revolution in the Irrigation Department
लखनऊ। AI Revolution in the Irrigation Department, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अब नहरों के संचालन, जल वितरण की रीयल-टाइम निगरानी, बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जल संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन और अवसंरचना के प्रभावी प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के उपयोग को मजबूत करेगा।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में एआइ जैसी उन्नत तकनीक शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सिंचाई एवं जलसंसाधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में एआइ आधारित प्रणालियों के उपयोग से बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
शनिवार को जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) द्वारा ‘उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विभागीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एआइ, डेटा एनालिटिक्स तथा डिजिटल मानिटरिंग जैसी उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से जल संसाधनों के संरक्षण, सिंचाई क्षमता में वृद्धि तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इसमें नवाचार किए जाएं व उपयोग काे और प्रभावी बनाया जाए। एआइ के उपयोग से विभागीय कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। एआइ के उपयोग करने में मैनुअल चेकिंग अनिवार्य रूप से करें, जिससे संभावित त्रुटियों से बचा जा सकेगा।
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा एआइ आधारित डेटा विश्लेषण, बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली, जल संसाधन प्रबंधन के लिए स्मार्ट मानिटरिंग सिस्टम, नहर नेटवर्क के संचालन में डिजिटल तकनीकों के उपयोग तथा भविष्य में उभरने वाली तकनीकी संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।